कमरपुर के कृतपुरा गांव में एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल में भव्य बाल मेले का आयोजन, बच्चों की रचनात्मकता और संस्कारों का दिखा अनोखा संगम
बक्सर सदर प्रखंड अंतर्गत कमरपुर पंचायत के कृतपुरा गांव स्थित एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल का परिसर उस समय उल्लास, उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब विद्यालय में भव्य बाल मेले का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता, संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान को निखारने वाला एक सशक्त मंच बनकर सामने आया। पूरे मेले में सीख, संवेदना और आनंद का सुंदर संगम देखने को मिला।
बाल मेले का भावनात्मक उद्घाटन विद्यालय की निर्देशिका वंदना राय की बुजुर्ग सासु मां श्रीमती बनारसी देवी एवं ससुर श्री विजय कुमार राय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन का यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए बेहद प्रेरणादायी रहा। बुजुर्गों के करकमलों से हुए उद्घाटन ने भारतीय संस्कृति में माता-पिता और बुजुर्गों के सम्मान की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने तालियों के साथ सराहा।
मेले में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने खाने-पीने के स्टॉल, हस्तकला, विज्ञान मॉडल, पेंटिंग, खेल-कूद और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि बच्चों ने स्वयं स्टॉल की सजावट, सामग्री की बिक्री और आगंतुकों से संवाद कर आत्मनिर्भरता और प्रबंधन कौशल का परिचय दिया।
विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे गुब्बारों, पोस्टरों और बच्चों की कलाकृतियों से सजा हुआ था। अभिभावकों और ग्रामीणों की भारी भीड़ मेले में उमड़ी, जिन्होंने बच्चों के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की। कई अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यवहारिक जीवन की समझ विकसित करने में सहायक होते हैं।
विद्यालय की निर्देशिका वंदना राय ने अपने संबोधन में कहा कि बाल मेला बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम है। इससे बच्चे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि व्यवहारिक अनुभवों से सीखते हैं। उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। पूरा आयोजन अनुशासन, सौहार्द और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल का यह बाल मेला न केवल बच्चों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।




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