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मझरिया अग्निकांड: पीड़ितों के बीच पहुँची विश्वामित्र सेना, कंबल वितरण कर दिया सहारा

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बक्सर : मझरिया गांव में हाल ही में लगी भीषण आग की घटना के बाद प्रभावित परिवारों के बीच राहत और सहायता का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में सामाजिक सरोकारों के लिए सक्रिय विश्वामित्र सेना ने मानवीय पहल करते हुए अग्नि पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। संगठन के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर कंबल वितरण किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मंगलवार को विश्वामित्र सेना के कार्यकर्ता गोवर्धन चौबे के नेतृत्व में टीम मझरिया गांव पहुंची, जहां आग से प्रभावित जरूरतमंद परिवारों को कंबल उपलब्ध कराए गए। ठंड के मौसम को देखते हुए यह सहायता पीड़ितों के लिए काफी राहत भरी साबित हुई। कई परिवारों ने बताया कि आग लगने से उनका घर और जरूरी सामान जलकर राख हो गया है, ऐसे में यह सहयोग उनके लिए संबल का काम करेगा। इस मौके पर विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कहा कि संगठन सदैव समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा, “अग्निकांड जैसी घटनाएं परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ देती हैं। ऐसे समय में समाज और संगठनों का दायित्व है कि वे आगे बढ़कर मदद करें। वि...

बक्सर में पत्रकार को धमकी का मामला, विश्वामित्र सेना के अध्यक्ष सहित 10 पर प्राथमिकी दर्ज

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बक्सर ।जिले में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बक्सर टॉप न्यूज़ के संचालक एवं पत्रकार चन्द्रकान्त “निराला” ने विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे समेत कुल दस लोगों के खिलाफ नहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दर्ज आवेदन के अनुसार, चन्द्रकान्त निराला पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं और ‘बक्सर टॉप न्यूज़’ नामक समाचार पोर्टल का संचालन करते हैं। वे विभिन्न मीडिया संस्थानों से भी संबद्ध रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से वे विश्वामित्र सेना की गतिविधियों से जुड़ी खबरें प्रकाशित कर रहे थे। इस दौरान संगठन के विज्ञापन भी उनके पोर्टल पर प्रकाशित हुए, जिनका भुगतान नियमित रूप से किया गया। आवेदन में उल्लेख है कि हाल के दिनों में संगठन से जुड़े रहे मुनमुन चौबे और राहुल पांडेय ने उन्हें जानकारी दी कि संगठन के कुछ कार्यक्रमों में टेंट, बाजा और वाहन चालकों का भुगतान लंबित है। दोनों ने इस विषय को सार्वजनिक करने का अनुरोध किया। पत्रकार का कहना है कि खबर प्रकाशित करने से पहले...

कमरपुर के कृतपुरा गांव में एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल में भव्य बाल मेले का आयोजन, बच्चों की रचनात्मकता और संस्कारों का दिखा अनोखा संगम

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  बक्सर सदर प्रखंड अंतर्गत कमरपुर पंचायत के कृतपुरा गांव स्थित एस.एस. कॉन्वेंट स्कूल का परिसर उस समय उल्लास, उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब विद्यालय में भव्य बाल मेले का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता, संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान को निखारने वाला एक सशक्त मंच बनकर सामने आया। पूरे मेले में सीख, संवेदना और आनंद का सुंदर संगम देखने को मिला। बाल मेले का भावनात्मक उद्घाटन विद्यालय की निर्देशिका वंदना राय की बुजुर्ग सासु मां श्रीमती बनारसी देवी एवं ससुर श्री विजय कुमार राय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन का यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए बेहद प्रेरणादायी रहा। बुजुर्गों के करकमलों से हुए उद्घाटन ने भारतीय संस्कृति में माता-पिता और बुजुर्गों के सम्मान की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने तालियों के साथ सराहा। मेले में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने खाने-पीने के स्टॉल, हस्तकला, विज्ञान मॉडल, पेंटिंग, खेल-कूद और रचनात्मक गति...

10 हजार में प्रभारी बीईओ ने बेचा ईमान, निगरानी ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा

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  जब शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में बैठे अधिकारी ही सौदेबाज़ बन जाएँ, तो व्यवस्था पर भरोसा कैसे बचे? बक्सर ।शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर थी, उसी पद पर बैठे एक अधिकारी ने महज 10 हजार रुपये के लिए अपने पद की गरिमा और ईमानदारी को गिरवी रख दिया। ब्रह्मपुर प्रखंड के प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी-सह-प्रभारी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी एकता भाई केन्द्र लक्की को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी डीएसपी रीता सिन्हा ने बताया कि यह कार्रवाई निगरानी थाना कांड संख्या 11/26 दिनांक 28.01.2026 के तहत की गई। आरोपी को उनके ब्रह्मपुर स्थित कार्यालय कक्ष से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते समय पकड़ा गया। मामला एक शिक्षक से जुड़ा है। परिवादी सुधीर कुमार पाठक, वर्तमान शिक्षक मध्य विद्यालय गायघाट, ने निगरानी ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके 4 लाख 63 हजार 587 रुपये के एरियर भुगतान के बदले प्रभारी बीईओ द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाया। सबसे शर्मनाक पह...

एक वर्ष में संघर्ष से उपलब्धि तक: विश्वामित्र सेना ने बक्सर को दिलाई नई पहचान

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पर्यावरण, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर संगठन की सशक्त भूमिका बक्सर पिछले एक वर्ष में बक्सर की सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था विश्वामित्र सेना ने जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती के साथ उठाकर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। पर्यावरण संरक्षण से लेकर सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तक संगठन की सक्रियता लगातार चर्चा में रही है। जनआंदोलन, संवाद और प्रशासनिक हस्तक्षेप के माध्यम से विश्वामित्र सेना ने कई मुद्दों को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाया। गोकुल जलाशय को रामसर साइट दिलाने में अहम भूमिका विश्वामित्र सेना की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गोकुल जलाशय को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा दिलाना शामिल है। संगठन ने इस जलाशय की जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी और पारिस्थितिक महत्व को लेकर लगातार आवाज़ उठाई। प्रधानमंत्री और संबंधित मंत्रालयों को ज्ञापन सौंपे गए, जनजागरूकता अभियान चलाए गए और स्थानीय स्तर पर समर्थन जुटाया गया। परिणामस्वरूप गोकुल जलाशय को रामसर सूची में शामिल किया गया, जिससे बक्सर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। बीते एक वर्ष में विश्वामित्र सेना ...

चौसा में 50 दिवसीय गुरु–शिष्य सुजनी कला प्रशिक्षण कार्यक्रम

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 बक्सर : उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के तत्वावधान में सोमवार से 50 दिवसीय गुरु-शिष्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य और लाभों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक सुजनी कला को संरक्षित करना, उसे बढ़ावा देना तथा स्थानीय कारीगरों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बैठक में बताया गया कि सुजनी कला का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे 50 दिनों तक चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी आर्टिजन को प्रतिदिन 300 रुपये की दर से मानदेय दिया जाएगा, जिससे कुल 15,000 रुपये की राशि प्रत्येक प्रशिक्षु को प्राप्त होगी। इससे कारीगरों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि वे पारंपरिक हस्तकला में दक्षता भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण सत्र में सुजनी कला के इतिहास, महत्व, डिज़ाइन, रंग संयोजन, सिलाई तकनीक और आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सुजनी कला बिहार की एक विशिष्ट लोककला है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम...