बक्सर से निर्दलीय प्रत्याशी ओम जी यादव: स्टेशन से समाज सेवा से लेकर राजनीति की राह पर
बक्सर : बक्सर विधानसभा क्षेत्र से इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे ओम जी यादव की पहचान किसी राजनीतिक परिवार से नहीं, बल्कि आम जनता के बीच सेवा करने वाले व्यक्ति के रूप में रही है। लंबे समय से बक्सर रेलवे स्टेशन के आसपास गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराने का काम करने वाले ओम जी यादव अब राजनीति के मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव किसी पद या प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज़ उठाने के लिए है जो वर्षों से उपेक्षित रहे हैं।
ओम जी यादव ने बक्सर सदर सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है। नामांकन के बाद से ही वे लगातार गरीब बस्तियों और आम मोहल्लों का दौरा कर रहे हैं। वे लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। उनका कहना है कि राजनीति में आम आदमी की भागीदारी तब तक सार्थक नहीं होगी, जब तक जनता का प्रतिनिधि जनता के बीच से न निकले।
ओम जी यादव का सामाजिक कार्यों से जुड़ाव पुराना है। उन्होंने वर्षों तक रेलवे स्टेशन पर असहायों को भोजन कराते हुए यह संदेश दिया कि सेवा ही सबसे बड़ी साधना है। अब वही सेवा भावना उन्हें जनता के बीच राजनीतिक रूप में लेकर आई है। उनका कहना है कि वे चुनाव में किसी दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों के साथ मैदान में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओम जी यादव की छवि साफ-सुथरी रही है और वे हमेशा जरूरतमंदों के साथ खड़े रहे हैं। हालांकि चुनावी मैदान में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरना उनके लिए आसान नहीं होगा, लेकिन जनता के बीच उनकी पकड़ और पहचान उन्हें एक मजबूत विकल्प बना सकती है।
बक्सर विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है। ओम जी यादव जैसे सामाजिक कार्यकर्ता के उतरने से चुनावी समीकरणों में नया रंग जुड़ गया है। जनता अब यह देखने को उत्सुक है कि सेवा से राजनीति तक की यह यात्रा उन्हें कितनी दूर ले जाती है।



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