थर्मल पावर में टेंडर विवाद में राजद नेता की सुनियोजित हत्या,
राजद नेता अर्जुन यादव की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता मनोरंजन पांडेय को बताया है। बक्सर एसपी शुभम आर्य ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि हत्या का कारण चौसा स्थित 1320 मेगा वॉट निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट में कोयले के टेंडर को लेकर बना विवाद था।
एसपी ने बताया कि पहले तूफानी गुप्ता और एक किशोर को गिरफ्तार किया गया था जिनको साजिश कर्ता द्वारा पैसे कि लालच दे हत्या की जिम्मेदारी अपने सिर पर ले ली थी। पहले मनीष गुप्ता का जो नाम आ रहा था उसका इस हत्या से कोई संबंध नहीं है।लेकिन अब जांच में नया मोड़ आया है और पता चला है कि पूरी साजिश मनोरंजन पांडेय ने रची थी। परिजनों ने भी प्रारंभिक एफआईआर में मनोरंजन को ही मुख्य आरोपी बताया था।
पुरानी रंजिश और टेंडर बना मौत की वजह
मनोरंजन पांडेय और अर्जुन यादव के बीच पहले से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि थर्मल पावर प्लांट में मनोरंजन द्वारा लिए गए कई टेंडर को अर्जुन यादव ने प्लांट में अपने वर्चस्व और राजनीतिक पहुंच के बल पर रद्द करवा दिया था। यही नहीं, कोयला टेंडर में भी अर्जुन यादव रोड़ा बन रहा था, जिससे नाराज होकर मनोरंजन ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पटना में बनी थी हत्या की साजिश
मई के पहले सप्ताह में पटना के मैरीन ड्राइव पर मनोरंजन पांडेय, राजा दुबे, वीरू उपाध्याय और राजेंद्र उपाध्याय के बीच हत्या की योजना बनी। राजा दुबे को सुपारी देकर हर शूटर को तीन लाख रुपये देने की बात तय हुई। अर्जुन यादव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अभिषेक राय उर्फ मोलू को जिम्मेदारी दी गई।
26 मई को हुई थी हत्या
23 मई को मोलू ने शूटरों को एक लाख रुपये अग्रिम दिए ताकि हथियार और बाकी सामान जुटाया जा सके। 26 मई को जब अर्जुन यादव पाइपलाइन के काम से लौटकर थर्मल प्लांट के पास पहुंचे, तब बाइक सवार तीन लोगों में दो शूटरों दिनेश और निखिल ने तीन गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी फरार हो गए।
गिरफ्तार हुए चार आरोपी
फिलहाल पुलिस ने इस साजिश में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:
मनोरंजन पांडेय (मुख्य साजिशकर्ता, बनारपुर निवासी)
वीरू उपाध्याय (शुक्रवालिया निवासी, योजना का क्रियान्वयनकर्ता)
अभिषेक राय उर्फ मोलू (इटावा निवासी, शूटरों का हैंडलर)
गोलू उपाध्याय (लाइनर, घटना की जानकारी देता था)
शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।बता दे कि अर्जुन यादव राजद से मजदूर प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष था।बक्सर जिले के चौसा में निर्माण हो रहे थर्मल पॉवर के अधिकारियों से मेल मिलाप के कारण उसका बर्चस्व बढ़ गया था।यह मामला राजनीतिक, आर्थिक और आपराधिक गठजोड़ का भयावह उदाहरण बनकर सामने आया है।


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