विद्यालय के बच्चो ने छठ को लेकर दी मनमोहक प्रस्तुति

 

जिले के कृतपुरा में एसएस कान्वेंट स्कूल के बच्चों ने छठ पर्व का मनोरम दृश्य प्रस्तुत किया।बच्चों ने छठ के पारंपरिक गीत गाए, जिनसे माहौल भक्तिमय हो गया। इस आयोजन में बच्चों ने छठी मइया के पूजन की पूरी प्रक्रिया को बेहद प्रभावी तरीके से दर्शाया।ठेकुआ, फल-फूल, और ईंख के साथ सजाए गए दौरे के साथ बच्चों ने छठ घाट का जीवंत दृश्य प्रस्तुत किया।उन्होंने अर्घ्य देने और दीप जलाने की प्रक्रिया को इतने जीवंत ढंग से दिखाया कि सब मंत्रमुग्ध हो गए।


पारंपरिक परिधानों में छठ घाट पर पहुंच दियाअर्घ्य 

लोक आस्था का महापर्व छठ चार दिन तक चलने वाला अनुष्ठान है, जिसमें विशेष नियमों का पालन किया जाता है। पहले दिन नहाय खाय के अवसर पर गंगा स्नान के बाद चावल, दाल, और कद्दू की सब्जी बनाई जाती है, जिसे छठी मइया को भोग लगाया जाता है।अगले दिन खरना के रूप में गुड़ और चावल की खीर के साथ रोटी बनाई जाती है।इस दिन से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है, जिसे स्कूली बच्चों ने बहुत ही उत्कृष्ट रूप में प्रस्तुत किया।



छात्रा रागिनी कुमारी ने कहा कि आजकल किशोर और युवा रील्स बनाने में रुचि रखते हैं, जिससे वे अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं।इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में सांस्कृतिक विकास होता है और उनकी जड़ें अपनी परंपराओं से जुड़ी रहती हैं।वहीं, विद्यालय के प्राचार्य त्रिलोचन कुमार ने कहा कि छठ महापर्व बिहार की संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह पर्व स्वच्छता, सादगी, और प्रकृति के साथ जुड़ाव का प्रतीक है, जिसका महत्व नई पीढ़ी को समझाना आवश्यक है।




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