चौसा में सतलुज जल विद्युत परियोजना का उद्घाटन आज, किसान मना रहे काला दिवस


बक्सर।
जिले के चौसा में आज भारत सरकार की ड्रीम प्रॉजेक्ट सतलुज जल विद्युत परियोजना का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री करने वाले हैं। यह परियोजना लंबे समय से बहुप्रतीक्षित थी और इसके शुरू होने से पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की नई संभावनाएं जुड़ रही हैं। उद्घाटन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय किसान और खेतिहर मजदूर इस दिन को काला दिवस के रूप में मना रहे हैं।


प्रभावित किसानों का कहना है कि इस परियोजना के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण बिना भूमि अधिग्रहण कानून का पालन किए किया गया। रामप्रवेश सिंह सहित कई किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार ने कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों की जमीन छीन ली। विरोध करने पर किसानों के घरों में पुलिस ने जबरन प्रवेश किया, महिलाओं और बेटियों पर लाठियां बरसाईं, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और फर्जी मुकदमे दर्ज कर किसानों को जेल भेज दिया गया। किसानों का कहना है कि ऐसे दमनात्मक रवैये के बाद यह उद्घाटन उनके लिए खुशी का नहीं बल्कि दुख और पीड़ा का प्रतीक है। इसी कारण वे आज काली पट्टी बांधकर अपने खेतों और गांवों में काला दिवस मना रहे हैं।


इस बीच बनारपुर पंचायत की मुखिया ममता देवी ने भी उद्घाटन कार्यक्रम का निमंत्रण ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें एसजेवीएन कंपनी की ओर से कार्ड मिला था, लेकिन जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलेगा, ऐसे कार्यक्रमों का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जब हमारे किसान भाई ही खुश नहीं हैं, तब मैं इस उद्घाटन का हिस्सा नहीं बन सकती। सरकार को पहले किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, उसके बाद ऐसे समारोहों का आयोजन करना चाहिए।”

किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के विरोध के बीच आज प्रधानमंत्री द्वारा इस परियोजना का उद्घाटन किया जाएगा। यह परियोजना सरकार की दृष्टि में विकास और ऊर्जा उत्पादन का बड़ा कदम है, लेकिन किसानों की नजर में यह उनके अधिकारों का हनन और जबरन अधिग्रहण का प्रतीक बन चुकी है।

कुल मिलाकर चौसा की सतलुज जल विद्युत परियोजना का उद्घाटन जहां राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से ऐतिहासिक माना जा रहा है, वहीं किसानों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह दिन विरोध और आक्रोश का प्रतीक बन गया है। यही कारण है कि आज चौसा में दो तस्वीरें देखने को मिलेंगी—एक ओर मंच से प्रधानमंत्री उद्घाटन का बटन दबाएंगे, तो दूसरी ओर खेत-खलिहानों में किसान काला दिवस मना कर अपनी पीड़ा का इजहार करेंगे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अनुसूचित जनजाति राज्य आयोग के सदस्य ने की समीक्षा बैठक, कई विभागों को दिए निर्देश

बक्सर के डॉ. जगनारायण मिश्र का असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन, चौसा नगर का नाम किया रोशन

चौसा स्वास्थ्य केंद्र में नई रोगी कल्याण समिति का गठन, चंदा देवी बनीं सदस्य