कलयुग का अभिमन्यु बचा धन चक्रव्यूह से बसपा ने फिर किया जमीन से जुड़े योद्धा पर भरोसा”
बक्सर। राजनीति के इस “कलयुग” में जहां टिकटों की लड़ाई अक्सर धनबल और रसूख के बीच सिमट जाती है, वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने ईमानदारी और जमीनी संघर्ष की मिसाल पेश की है। बसपा ने बक्सर जिले के कर्मठ कार्यकर्ता अभिमन्यु सिंह कुशवाहा को विधानसभा चुनाव के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।
यह वही अभिमन्यु हैं, जो वर्षों से बसपा के संगठन में बिना किसी लोभ या स्वार्थ के काम करते रहे। बताया जा रहा है कि इस बार टिकट पाने की दौड़ में कई धनाढ्य चेहरे मैदान में थे, जिन्होंने हर संभव प्रयास से पार्टी का टिकट हासिल करने की कोशिश की। लेकिन अंत में बसपा ने उन पैसों के चकाचौंध को दरकिनार करते हुए, अपने पुराने और भरोसेमंद सिपाही को तरजीह दी।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह निर्णय पार्टी के अंदर एक मजबूत संदेश देता है — कि बसपा अब भी जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान को प्राथमिकता देती है। अभिमन्यु सिंह कुशवाहा न केवल पार्टी के निचले स्तर तक सक्रिय रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के आम मतदाताओं से उनका गहरा जुड़ाव भी माना जाता है।
गांव-गांव जाकर जनता की समस्याएं सुनना, सामाजिक न्याय और दलित-पिछड़े वर्ग के अधिकारों की बात करना — यही उनकी पहचान रही है। उन्होंने न तो कभी पद की लालसा दिखाई, न ही अवसरवादी राजनीति की राह पकड़ी। शायद यही कारण रहा कि जब टिकट का फैसला आया, तो अभिमन्यु सिंह कुशवाहा ने “धन चक्रव्यूह” को भेदते हुए पार्टी का विश्वास जीत लिया।
जनता के बीच उन्हें अब “कलयुग का अभिमन्यु” कहा जाने लगा है — जो बिना किसी बड़े राजनीतिक परिवार, धनबल या बाहरी समर्थन के अपने संघर्ष और कर्म के दम पर बसपा का चेहरा बने।
बसपा के इस निर्णय से न केवल कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि राजनीति में अब भी “ईमानदार जमीन” की कीमत बाकी है। क्षेत्र के लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अभिमन्यु सिंह कुशवाहा इस भरोसे को चुनावी मैदान में जीत में तब्दील करेंगे।

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