बक्सर उत्थान को लेकर राजकुमार चौबे ने आवाज किया बुलंद, कहा की बक्सर की खोई हुई पहचान को लायेंगे वापस,सांसद विधायक पर साधा निशाना

 

 

बक्सर जिले में गुरुवार की शाम पहुंचे महर्षि विश्वामित्र सेना के राष्ट्रिय संयोजक राजकुमार चौबे ने बक्सर उत्थान को लेकर आवाज बुलंद करने का काम किया है।साथ ही उन्होंने बक्सर के सांसद और विधायक पर निशाना साधते हुए बक्सर का अभी तक उपेक्षित होने का जिम्मेवार ठहराया है।उन्होंने कहा की हम सभी के लिए शर्म की बात है की बक्सर रामरेखा घाट जैसे प्रमुख घाट पर जहां लाखो श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचते है।वहां महिलाओ के लिए ना चेंजिंग रूम की व्यवस्था है और ना ही यूरीन डिस्चार्ज की व्यवस्था।उन्होंने कहा हमारा मकसद सिर्फ एक है बक्सर की खोई हुई पहचान को वापस लाना।जिसके लिए जरूरत पड़ने पर चरण बध तरीके से लड़ाई लड़ी जाएगी।




राजकुमार चौबे ने कहा की बक्सर का महत्व अयोध्या की तरह है।लेकिन यहां अभी तक जितने भी प्रतिनिधि हुए है।उन्होंने सिर्फ बक्सर वासियों को छलने का  कार्य किया है।जिसके कारण भगवान राम की कर्म स्थली आजादी के 75 साल बाद भी उपेक्षित है।बक्सर के एक निजी होटल में मीडिया वार्ता के दौरान  कहा की बक्सर नेतृत्व बिहिन है।यहां के जनप्रतिनिधियों को बक्सर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों से कोई मतलब नहीं है।जिसके कारण जिला प्रशासन भी कोई कार्य नहीं कर पाता है।जिला प्रशासन तब काम करता है।  जब नेतृत्व मजबूत हांथ में होता है।




आगे उन्होंने कहा बक्सर का जो इतिहास है।अगर पर्यटन के तर्ज पर इसका विकास हुआ होता लोगो को रोजगार के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ता।कई जिलों में हवाई यात्रा शुरू हुआ है लेकिन बक्सर को उसमे सामिल नही किया गया। बक्सर के साथ बहुत बड़ा साजिश हुआ है जिसके कारण बक्सर को चरागाह बना कर छोड़ दिया गया है।लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।


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