पिता जनरल स्टोर में करते हैं काम, बेटी ने रचा इतिहास—टॉप-10 में जगह बनाकर सिमरन ने बढ़ाया बक्सर का मान

 बक्सर: मेहनत, लगन और हौसले की सच्ची कहानी अगर देखनी हो, तो बक्सर की बेटी सिमरन कुमारी से बेहतर उदाहरण शायद ही मिले। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली सिमरन ने मैट्रिक परीक्षा में 482 अंक (96.4 प्रतिशत) हासिल कर पूरे बिहार में नौवां स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ ही उसने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।


नगर पंचायत के वार्ड संख्या सात की रहने वाली सिमरन के घर इन दिनों खुशियों का माहौल है। जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ, उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। हर कोई इस होनहार बेटी की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है। मां साक्षी देवी और दादी तेतरी देवी की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते हैं। वहीं, पिता सोनू माली, जो एक जनरल स्टोर में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, बेटी की इस उपलब्धि से बेहद गौरवान्वित हैं।


सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी सिमरन ने कभी हालात को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उसने अपनी पढ़ाई के लिए खुद एक ट्रैक तैयार किया और उसी अनुशासन के साथ निरंतर मेहनत करती रही। सिमरन बताती हैं कि जब उन्हें इंटरव्यू के लिए पटना बुलाया गया, तभी उन्हें एहसास हो गया था कि उन्होंने जिले में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन जो सफलता मिली, वह उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा है।


सिमरन का मानना है कि किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए सबसे जरूरी खुद की तैयारी होती है। उनके अनुसार, शिक्षक केवल मार्गदर्शन दे सकते हैं, लेकिन असली मेहनत छात्र को ही करनी होती है। “पढ़ाई का कोई तय समय नहीं होता, जो पढ़ना चाहता है उसके लिए हर समय पढ़ाई का होता है,”—यह उनका मूल मंत्र है।

अपनी सफलता का श्रेय सिमरन अपने माता-पिता, गुरुजनों और कोचिंग संस्थान “आदि क्लासेज” को देती हैं। भविष्य में वह मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना उनका सपना है।

सिमरन की यह उपलब्धि न सिर्फ एक सफलता की कहानी है, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

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